भारत ने पाकिस्तान की आतंकवाद के प्रति दोहरी नीति पर कड़ा रुख अपनाया, दोगलेपन के लिए PAK को फटकारा

नई दिल्ली
भारत ने पाकिस्तान की आतंकवाद के प्रति दोहरी नीति पर कड़ा रुख अपनाया है। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी मसूद अजहर के बहावलपुर में सार्वजनिक रूप से भाषण देने की खबरों के बाद, भारत ने उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  
 भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा,  "अगर मसूद अजहर पाकिस्तान में है, तो यह उसकी दोगली नीति को उजागर करता है। अजहर एक संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकवादी है और भारत में कई सीमा-पार आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड है।

ये भी पढ़ें :  सरकार का बड़ा फैसला, न्यायिक ढांचे और ई-कोर्ट के लिए 2010 करोड़

भारत ने मांग की कि पाकिस्तान उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और उसे न्याय के कटघरे में लाए।" उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान बार-बार यह दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है। लेकिन अगर ये रिपोर्ट सही हैं, तो यह साफ तौर पर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को दिखाता है।  जैश-ए-मोहम्मद भारत में कई बड़ी आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार रहा है। 2019 में जम्मू-कश्मीर में  पुलवामा हमले में कई भारतीय जवान शहीद हुए थे। इस घटना ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को और बढ़ा दिया। यह संगठन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक कुख्यात आतंकवादी संगठन माना जाता है और इस पर पहले से प्रतिबंध लगा हुआ है।  

ये भी पढ़ें :  Bemetara Violence : समाज प्रमुख एवं ग्रामीणों ने बिरनपुर घटना की कड़ी निंदा की, कलेक्टर ने की शांति बनाएं रखने की अपील...

मार्च 2024 में, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा था कि  "पाकिस्तान आतंकवाद को राजनीति के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करता है और इस बात को छिपाने का प्रयास भी नहीं करता।"  उन्होंने सिंगापुर में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान को अस्थिर पड़ोसी करार दिया और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बताया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की है कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए ताकि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित हो। मसूद अजहर का पाकिस्तान में सार्वजनिक रूप से सामने आना उसकी आतंकवाद-समर्थक छवि को और उजागर करता है।

Share

Leave a Comment